योग का इतिहास | Yoga history in hindi

Yoga history in hindi | योग का इतिहास

Yoga, जो हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक प्राचीन अभ्यास है, 21 June को योग दिवस (Yoga Day) या अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Day of Yoga) के रूप में विश्वभर में मनाया जाता है। इस लेख में, हम योग दिवस के इतिहास की जांच करेंगे, जिसमें हम प्राचीनकाल से शुरू होकर इसके वैश्विक उत्सव तक की पहुंच को देखेंगे।

योग के प्राचीन मूल

योग हजारों साल पुराना है और इसकी उत्पत्ति प्राचीन भारत में हुई है। तकरीबन 3000 ई.पू. में इंडस घाटी सभ्यता के समय भी, लोग योग के आसन और ध्यान का अभ्यास करते थे। ब्रह्मज्ञानी संत पतंजलि (Patanjali) ने योग के दर्शनशास्त्र को लिखा और उसे पुस्तक “योग सूत्र (Yoga Sutras)” के रूप में प्रस्तुत किया, जिसमें योग के तत्वों का विवरण दिया गया।

योग का आधुनिक पुनर्जागरण

19वीं और 20वीं सदी के आखिरी दशकों में, योग को पुनर्जागरण का समय आया और इसे फिर से लोकप्रियता मिली। भारत के एक आध्यात्मिक नेता स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) ने 1893 में शिकागो में एक सभा में योग के बारे में बोलकर पश्चिमी दुनिया में योग को परिचय दिया। इससे पश्चिमी बौद्धिक और आध्यात्मिक खोजकर्ताओं में योग के प्रति रुचि जागी।

इस समय, तिरुमलै कृष्णमाचार्य (Tirumalai Krishnamacharya) और स्वामी सिवानंद (Swami Sivananda) जैसे प्रमुख योग गुरुओं ने योग को फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कृष्णमाचार्य को “आधुनिक योग के पितामह (father of modern yoga)” कहा जाता है, जिन्होंने प्रमुख योग शिक्षकों जैसे बी.के.एस. अय्यंगार (B.K.S. Iyengar) और पत्ताभी जोइस (Pattabhi Jois) को प्रशिक्षित किया, जिन्होंने अपने खुद के योग प्रणालियों की स्थापना की।

योग दिवस (Yoga Day) की स्थापना

भारत के प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने 27 September 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में एक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की प्रस्तावना पेश की। संयुक्त राष्ट्र ने योग की विश्वव्यापी प्रतिष्ठा और शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के कारण योग दिवस को 21 june को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Day of Yoga) के रूप में मान्यता प्राप्त की।

पहला योग दिवस (first yoga day) और इसका महत्व

पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 June 2015 (The first International Day of Yoga) को विश्वभर में उमंग के साथ मनाया गया। यह दिन प्राचीनकाल से आज तक योग के लोगों, समुदायों और समाजों पर किए गए प्रभाव की एक स्मृति के रूप में कार्य करता है।

वैश्विक उत्सव (Global Celebration) और महत्व

Yoga day अपनी शुरुआत से ही वैश्विक रूप में बहुत प्रसिद्ध हो गया है। लोग, योग अभ्यासकर्ता और संगठन साथ में योग दिवस के उत्सव के आयोजन करने के लिए एकजुट होते हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों को प्रमोट (promote) करना है और सभी उम्र के लोगों को योग को अपनाने के लिए प्रोत्साहित (encourage) करना है।

योग दिवस का महत्व सिर्फ एक उत्सव से अधिक है। यह योग के स्वास्थ्य, खुशहाली और संपूर्ण स्वास्थ्य पर प्रभाव को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण रोल निभाता है। योग का पूर्णतात्मक दृष्टिकोण, जिसमें शारीरिक आसन, श्वासायाम और ध्यान को सम्मिलित किया जाता है, संतुलन, लचीलापन, शक्ति और आंतरिक शांति लाने में सहायता करता है।

निष्कर्ष

योग दिवस (yoga day) एक प्राचीन ज्ञान के रूप में योग की धारा और इसके प्रभाव को विश्वभर के लोगों के जीवन पर मनाए जाने का एक उत्सव है। प्राचीन मूल से आज के वैश्विक उत्सव तक, योग सीमाओं, संस्कृतियों और पीढ़ियों को पार कर चुका है। हर वर्ष जब हम योग दिवस का आयोजन करते हैं, तब हमें योग की सार और उसकी अद्यात्मिक शिक्षाओं को ग्रहण करने की आवश्यकता होती है, जो हमारे संबंधित दुनिया में सद्भाव, स्वास्थ्य और एकता को बढ़ावा देती है।

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